ज़िन्दगी यूँ हुई बसर तन्हा -गुलज़ार

ज़िन्दगी यूँ हुई बसर तन्हा ज़िन्दगी यूँ हुई बसर तन्हा काफ़िला साथ और सफ़र तन्हा रात भर तारे बातें करते … Continue reading ज़िन्दगी यूँ हुई बसर तन्हा -गुलज़ार

ચૂંટેલા અશઆર- બેફામ

કમળની પ્યાસ પણ મારા સમી લાગે છે, ઓ ઝાકળ! સરોવરમાં રહી મુખ ઊંચું રાખે છે સરોવરથી. સફર એવી કે કોઈ … Continue reading ચૂંટેલા અશઆર- બેફામ

हम पत्ते तूफ़ान के – नीरज

वेद न कुरान बांचे, ली न ज्ञान की दीक्षा सीखी नहीं भाषा कोई, दी नहीं परीक्षा, दर्द रहा शिक्षक अपना, … Continue reading हम पत्ते तूफ़ान के – नीरज