दिल के काबे में नमाज़ पढ़ – नीरज

दिल के काबे में नमाज़ पढ़ दिल के काबे में नमाज़ पढ़, यहां-वहां भरमाना छोड़। सांस-सांस तेरी अज़ान है, सुबह … Continue reading दिल के काबे में नमाज़ पढ़ – नीरज

अच्छा लगता है-  नेहल

अच्छा लगता है- नेहल

कभी यूँ ही अकेले बैठना अच्छा लगता है। चुपचाप से; अपने-आप से भी खामोश रहना, अच्छा लगता है। मन की … Continue reading अच्छा लगता है- नेहल

अमीर खुसरो – Amir Khusrau(1253-1325)

આ અદ્ભુત રચના પસંદ કરવાનો હેતુ એમાં થયેલો સૂફી પરંપરા, ભક્તિ માર્ગ અને અદ્વૈતનો સુભગ સંગમ છે. પરમ તત્ત્વ અહીં … Continue reading अमीर खुसरो – Amir Khusrau(1253-1325)