मेरा सफ़र.  –  अली सरदार जाफ़री

मेरा सफ़र. – अली सरदार जाफ़री

हमचू सब्ज़ा बारहा रोईदा-ईम (हम हरियाली की तरह बार-बार उगे हैं) रूमी … फिर इक दिन ऐसा आएगा आँखों के … Continue reading मेरा सफ़र. – अली सरदार जाफ़री

ज़िंदगी – मोहम्मद इक़बाल

बरतर अज़ अंदेशा-ए-सूदो-ज़ियां है ज़िंदगी है कभी जां और कभी तस्लीमे-जां है ज़िंदगी । तू इसे पैमाना-ए-इमरोज़ो-फ़रदा से न नाप … Continue reading ज़िंदगी – मोहम्मद इक़बाल