सूर्य ग्रहन

  मेरे भीतर से उठ रहा है ख़लाओं का काला चाँद ढक रहा है मेरे सूरज को धीरे धीरे रंगों भरा जीवन बदल रहा है सेपिया तसवीर और फिर धीरे धीरे ब्लेक एंड व्हाइट सोचती हूँ बन जाऊं एक स्फ़टिक का प्रिज़्म कहीं से ढूँढ लाउँ एक उजली सफेद किरण जो रंगों से भर दे…

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