वसंत के ख्वाब – नेहल

आज बादल जम कर बरसे, ज़मींको अपनी नमीं से भर दिया। अपने सारे ख्वाब ज़मींकी छातिमें उडेल दिये। अब धरती … Continue reading वसंत के ख्वाब – नेहल