My words my sketch -नेहल

Trying something new, something different! I hope you will like it!     गिले-शिकवे की हवाओंमें है नमी, दिलका मौसम है धुआँ धुआँ, रुह की ज़मीं भी है नम ईश्क का पौधा तो लग चूका धूप सी तेरी हँसी की तलाश है। -नेहल

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