From the Books… : ( निठल्ले की डायरी )

“निर्णय होने तक कि क्या बुरा है और क्या अच्छा, अकर्म ही चलने दो।” “जिसे जीवित रहना है और देश की सेवा करनी है, वह फाइलें कभी पूरी नहीं करेगा।जिसकी टेबिल पर फाइलों का जितना ब़डा ढेर होगा, वह उतना ही दीर्घायु होगा और उतना ही ब़डा देशसेवक होगा।” “कल से यह मेरा दखल-अभियान शुरु…

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