करवटें लेंगे बूँदों के सपने : नागार्जुन
….. करवटें लेंगे बूँदों के सपने अभी-अभी कोहरा चीरकर चमकेगा सूरज चमक उठेंगी ठूँठ की नंगी-भूरी डालें अभी-अभी थिरकेगी पछिया बयार झरने लग जायेंगे … Continue reading करवटें लेंगे बूँदों के सपने : नागार्जुन
….. करवटें लेंगे बूँदों के सपने अभी-अभी कोहरा चीरकर चमकेगा सूरज चमक उठेंगी ठूँठ की नंगी-भूरी डालें अभी-अभी थिरकेगी पछिया बयार झरने लग जायेंगे … Continue reading करवटें लेंगे बूँदों के सपने : नागार्जुन
उनको प्रणाम जो नहीं हो सके पूर्ण–काम मैं उनको करता हूँ प्रणाम । कुछ कंठित औ’ कुछ लक्ष्य–भ्रष्ट जिनके अभिमंत्रित तीर हुए; रण … Continue reading उनको प्रणाम : नागार्जुन