लड़की कैक्टस थी : वियोगिनी ठाकुर

लड़की कैक्टस थी बहुत से लोगों की आँख में चुभती रही वह लड़की काँटा थी या थी— पूरा का पूरा बबूल का पेड़ जिस पर स्वाभिमान नाम का प्रेत और सच्चाई नाम की चुड़ैल डोलते रहे सदा माँ-बाप के लिए पहाड़ थी वह लड़की जिस पर वह साधिकार चढ़ना चाहते थे और पार उतर नहाना…

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