न्यूयार्क में एक तितली – A Butterfly in New York

बग़दाद के अपने बग़ीचे में मैं अक्सर भागा करता था उसके पीछे मगर वह उड़कर दूर चली जाती थी हमेश। आज तीन दशकों बाद एक दूसरे महाद्वीप में वह आकर बैठ गई मेरे कन्धे पर। नीली समन्दर के ख़यालों या आख़िरी साँसें लेती किसी परी के आँसुओं की तर॥ उसके पर स्वर्ग से गिरती दो…

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