एक दुनिया शहर-सी : रवीशकुमार

सारी दीवारों पर कुछ न कुछ लिख दिया गया था। हर स्टेटस के साथ कमेंट भरा था। घोड़े पर सवार वह उगते सूरज की रौशनी से निकला चला आ रहा था। मानसिक अवसादों से घिरे इस शहर में हर लाइक डिसलाइक की तरह उदास लग रही थी। घोड़े की टाप तस्वीरों पर पड़ती जा रही…

Read More