आग पानी : मोनिका कुमार

आग पानी विनम्र स्त्री है वह सभी के प्रति विनम्र सभी से परिचित, और सभी के लिए अजनबी। उसकी आवाज़ धीमी थी विनम्रता से उसकी आवाज़ धीमी हो गई दुपट्टा ओढ़ना भले ही भूल जाए, विनम्रता के आँचल से ढकी रहती है। अखंड विनम्रा है वह। विनम्रता ने सभी को उसके निकट कर दिया विनम्रता…

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