कुआँ…नारी जीवन की अभिव्यक्ति / मधु गजाधर

कुआँ मैं एक कुआँ हूँ, गहरा कुआँ , मेरे अन्दर के अँधेरे में भी शांति है , शीतलता है ,… क्योंकि मैं जल से ओत प्रोत हूँ, जल… प्रेम का जल , अपनत्व का जल, ममता का जल, संस्कार का जल, श्रधा के समर्पण का जल, जल ही जल , चहुँ और मेरे जल ही…

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