A Moment in Time – एक लम्हा : कैफ़ी आज़मी

Life is the name given to a few moments, and In but one of those fleeting moments Two eyes meet eloquently Looking up from a cup of tea, and Enter the heart piercingly And say, Today do not speak I’ll be silent too Let’s just sit thus. Holding each other’s hand United by this gift…

Read More

औरत : कैफ़ी आज़मी

औरत उठ मेरी जान! मेरे साथ ही चलना है तुझे कल्ब-ए-माहौल में लरज़ाँ शरर-ए-ज़ंग हैं आज हौसले वक़्त के और ज़ीस्त के यक रंग हैं आज आबगीनों में तपां वलवला-ए-संग हैं आज हुस्न और इश्क हम आवाज़ व हमआहंग हैं आज जिसमें जलता हूँ उसी आग में जलना है तुझे उठ मेरी जान! मेरे साथ…

Read More

Woman – Kaifi Azmi

Woman Rise, my love!You have to walk along with me Sparks of rebellion are astir in the air, todayBoth time and life have but one resolve, todayKnocks swirl around in delicate decanters, todayLove and beauty have one voice, todayIn the fire I burn you too must burn with me Rise my love! You have to…

Read More

ग़ज़ल – Ghazal – कैफ़ी आज़मी

ग़ज़ल मैं ढूँढता हूँ जिसे वह जहाँ नहीं मिलता नयी ज़मीन नया आसमाँ नहीं मिलता नयी ज़मीन नया आसमाँ भी मिल जाये नये बशर का कहीं कुछ निशाँ नहीं मिलता वह तेग़ मिल गयी जिससे हुआ है क़त्ल मेरा किसी के हाथ का उस पर निशाँ नहीं मिलता वह मेरा गाँव है वो मेरे गाँव…

Read More