जश़्ने सुख़नगोई, ब्लोग के पाँचवे जन्मदिन पर…

जश़्ने सुख़नगोई, ब्लोग के पाँचवे जन्मदिन पर…

ये ज़रूरी है कि आँखों का भरम क़ाएम रहे नींद रक्खो या न रक्खो ख़्वाब मेयारी रखो ( मेयारी – qualitative) … Continue reading जश़्ने सुख़नगोई, ब्लोग के पाँचवे जन्मदिन पर…

दिल के काबे में नमाज़ पढ़ – नीरज

दिल के काबे में नमाज़ पढ़ दिल के काबे में नमाज़ पढ़, यहां-वहां भरमाना छोड़। सांस-सांस तेरी अज़ान है, सुबह … Continue reading दिल के काबे में नमाज़ पढ़ – नीरज

हम पत्ते तूफ़ान के – नीरज

वेद न कुरान बांचे, ली न ज्ञान की दीक्षा सीखी नहीं भाषा कोई, दी नहीं परीक्षा, दर्द रहा शिक्षक अपना, … Continue reading हम पत्ते तूफ़ान के – नीरज