अनबींधे मन का गीत ( સરળ ગુજરાતી સાર સાથે)

जल तो बहुत गहरा थाकमलों तक समझे हम झील वह अछूती थीपुरइन से ढंकी हुईसूरज से अनबोलीचाँद से न खुली हुईकई जन्म अमर हुएकोरी अब सिर्फ देहपहली ही बिजलीहमें नौका-सी बाँध गई लहरें किन्तु भीतर थींरोओं तक समझे हम तट से बंधा मनछाया कृतियों में मग्न रहास्वप्न की हवाओं मेंतिरती हुयी गन्ध रहाअतल बीचसीपी का…

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