O Lord, Let It Rain – मौला मी वसाये

O Lord, Let It Rain
Drench the​ Desert dunes
Let the green grass sprout
If only my sweet beloved would return
My city’s desolate without him
Let him return!

Let dark clouds gather
Let them thunder and shower
May​ cool winds blow
If only my sweet beloved would​ return

I live in just this hope
The lord will make things well
May my country swell with rain
If only my sweet beloved would​ return

Poet Ashraf’s heart is sad
Longing for the beloved
His eyes are drenched for him
If only my sweet beloved would​ return
– Ashraf Shah

…………………..

मौला मी वसाये

मौला मी वसाये,थर जियूँ भिटूं पोसाए
सावा धा फूटन
छाल मिठा मुझा जानीडा वरि मोटी माग अछन
सुण्यु करे व्या शेर संजो वरि मोटी मूत मिलन

कक्कर अचन कारा, बादल बरसन सारा
थद्दियूं हवाओं लगन
छाल मिठा मुझा जानीडा

अथम आस इ आई, कंदो मौला सणाई
वरसे पई जो वतन
छाल मिठा मुझा जानीडा

अशरफ़ साहिर उदासी, पिरियन लाए प्यासी
अखड़ियुं जे लाए पोसन
छाल मिठा मुझा जानीडा
कवि – अशरफ़ शाह

मौला मेघ बरसा, थर की पहाड़ियों को तू भिगो दे, हरी घासें निकलें. काश मेरे प्यारे जानेमन फिर लौट के
वापिस आएं. वो जो सूना कर गए शहर सारा, फिर आके मुझसे मिलें. काले बादल आएं, खूब बरसें, ठंडी
हवाएं लगें. काश मेरे प्यारे जान के जिगर लौट के फिर आएं, मुझे यही एक उम्मीद है, मौला अच्छा ही करेगा,
बरस पडे़गा यह मेरा वतन, अशरफ़ ‘साहिर’ उदास है, उस प्रीतम की प्यास है, जिसके लिए उसकी आँखें भीगी
हुई है. काश मेरे प्यारे जानेमन फिर लौट के वापिस आएं.